बोलिए शंकर भगवन की
ॐ नम: शिवाय ॐ नम: शिवाय
ॐ नम: शिवाय ॐ नम: शिवाय
भाल चंद्रमा खुली जटाएं सिर से बहे गंगधार
भाल चंद्रमा खुली जटाएं सिर से बहे गंगधार
कानन बिच्छू के कुंडल गले रहें सर्प फुफकार
ये कैसा रूप बनाया क्या है शिव तेरी माया
ये कैसा रूप बनाया क्या है शिव तेरी माया
भाल चंद्रमा खुली जटाएं सिर से बहे गंगधार
भाल चंद्रमा खुली जटाएं सिर से बहे गंगधार
कानन बिच्छू के कुंडल गल रहें सर्प फुफकार
ये कैसा रूप बनाया क्या है शिव तेरी माया
ये कैसा रूप बनाया क्या है शिव तेरी माया
गले में है मुंडमाला और तन पे भस्मी रमाये
संगीत..............१२३
गले में है मुंडमाला और तन पे भस्मी रमाये
भांग का पीते प्याला खाने में धतुरा खाए
तन पे ओढ़ी है शिव भोले
तन पे ओढ़ी है शिव भोले तुमने तो मृगछाला
ये कैसा खेल रचाया क्या है शिव तेरी माया
ये कैसा खेल रचाया क्या है शिव तेरी माया
जय जय भोले मेरे शिव शंकर भोले
अर्ध खुले से नयना अधरन मुस्कान है प्यारी
संगीत..............१२३
अर्ध खुले से नयना अधरन मुस्कान है प्यारी
नयनन को हे भाए ये अद्भुद छवि तिहारी
एक हाथ त्रिशूल तिहारे
एक हाथ त्रिशूल तिहारे दूजे डमरू भाल
ये कैसा स्वांग रचाया क्या है शिव तेरी माया
ये कैसा स्वांग रचाया क्या है शिव तेरी माया
इक लोटा जल से ही शिव भोले खुश हो जाय
संगीत..............१२३
इक लोटा जल से ही शिव भोले खुश हो जाय
कृपा लुटाते उनपर जो चन्दन तिलक लगाय
शमशान की भस्मी से तो
शमशान की भस्मी से तो करते हैं श्रृंगार
कैसा संसार बनाया क्या है शिव तेरी माया
कैसा संसार बनाया क्या है शिव तेरी माया
कैसा संसार बनाया क्या है शिव तेरी माया
कैसा संसार बनाया क्या है शिव तेरी माया
ॐ नम: शिवाय ॐ नम: शिवाय
ॐ नम: शिवाय ॐ नम: शिवाय
भाल चंद्रमा खुली जटाएं सिर से बहे गंगधार
भाल चंद्रमा खुली जटाएं सिर से बहे गंगधार
कानन बिच्छू के कुंडल गले रहें सर्प फुफकार
ये कैसा रूप बनाया क्या है शिव तेरी माया
ये कैसा रूप बनाया क्या है शिव तेरी माया
भाल चंद्रमा खुली जटाएं सिर से बहे गंगधार
भाल चंद्रमा खुली जटाएं सिर से बहे गंगधार
कानन बिच्छू के कुंडल गल रहें सर्प फुफकार
ये कैसा रूप बनाया क्या है शिव तेरी माया
ये कैसा रूप बनाया क्या है शिव तेरी माया
संगीत..............१२३
गले में है मुंडमाला और तन पे भस्मी रमाये
भांग का पीते प्याला खाने में धतुरा खाए
तन पे ओढ़ी है शिव भोले
तन पे ओढ़ी है शिव भोले तुमने तो मृगछाला
ये कैसा खेल रचाया क्या है शिव तेरी माया
ये कैसा खेल रचाया क्या है शिव तेरी माया
जय जय भोले मेरे शिव शंकर भोले
अर्ध खुले से नयना अधरन मुस्कान है प्यारी
संगीत..............१२३
अर्ध खुले से नयना अधरन मुस्कान है प्यारी
नयनन को हे भाए ये अद्भुद छवि तिहारी
एक हाथ त्रिशूल तिहारे
एक हाथ त्रिशूल तिहारे दूजे डमरू भाल
ये कैसा स्वांग रचाया क्या है शिव तेरी माया
ये कैसा स्वांग रचाया क्या है शिव तेरी माया
संगीत..............१२३
इक लोटा जल से ही शिव भोले खुश हो जाय
कृपा लुटाते उनपर जो चन्दन तिलक लगाय
शमशान की भस्मी से तो
शमशान की भस्मी से तो करते हैं श्रृंगार
कैसा संसार बनाया क्या है शिव तेरी माया
कैसा संसार बनाया क्या है शिव तेरी माया
कैसा संसार बनाया क्या है शिव तेरी माया
कैसा संसार बनाया क्या है शिव तेरी माया
No comments:
Post a Comment