Saturday, April 15, 2023

धन धन भोलेनाथ बाँट दिये तीन लोक एक पल भर में

 
धन धन भोलेनाथ बाँट दिये तीन लोक एक पल भर में
ऐसे दीनदयालु ओ दाता कौड़ी ना रख्खी घर में
धन धन भोलेनाथ बाँट दिये तीन लोक एक पल भर में
ऐसे दीनदयालु ओ दाता कौड़ी ना रख्खी घर में
कौड़ी ना रख्खी घर में
धन धन भोलेनाथ बाँट दिये तीन लोक एक पल भर में
ऐसे दीनदयालु ओ दाता कौड़ी ना रख्खी घर में
 
प्रथम दिया ब्रहमा को वेद वो बने वेद के अधिकारी
विष्णु को दे दिया चक्र सुदर्शन लक्ष्मी सी सुंदर नारी
इंद्र को दे दी कामधेनु और एरावत सा बलकारी
कुबेर को सारी वसुधा का वर दिया तुमने भंडारी
अपने पास पाद नही रक्खा रक्खा तो खर खप्पर में
ऐसे दीनदयालु ओ दाता कौड़ी ना रख्खी घर में
धन धन भोलेनाथ बाँट दिये तीन लोक एक पल भर में
ऐसे दीनदयालु ओ दाता कौड़ी ना रख्खी घर में
 
अमृत को देवता को दिया आप हलाहल पान किया
ब्रह्मज्ञान दे दिया उसे जिसने भी तुम्हारा ध्यान किया
भागीरथ को गंगा दे दी सब जग ने असनान किया
बड़े बड़े पापी का तुमने पल भर में कल्याण किया
आप नशे में चूर रहो और पियो भांग नित खप्पर में
ऐसे दीनदयालु ओ दाता कौड़ी ना रख्खी घर में
धन धन भोलेनाथ बाँट दिये तीन लोक एक पल भर में
ऐसे दीनदयालु ओ दाता कौड़ी ना रख्खी घर में
 
रावण को लंका दे दी और बीस भुजा दस शीश दिए
राम चन्द्र को धनुष बाण और हनुमत को जगदीश दिए
मनमोहन को मोहिनी दे दी मोर मुकुट बक्शीश दिए
मुक्ति हेतु काशी में वास भक्तों को विश्वाविश दिए
अपने तन पर वस्त्र ना रक्खा मगन रहो बगाम्बर में
ऐसे दीनदयालु ओ दाता कौड़ी ना रख्खी घर में
धन धन भोलेनाथ बाँट दिये तीन लोक एक पल भर में
ऐसे दीनदयालु ओ दाता कौड़ी ना रख्खी घर में
 
नारद को दे दी वीणा और गन्धर्वों को राग दिया
ब्राह्मण को दिया कर्म काण्ड और सन्यासी को त्याग दिया
जिसपे तुम्हारी कृपा हुई उस को तुमने अनुराग दिया
देवी सिंग कहे बनारसी को सबसे उत्तम भाग दिया
जिसने गाया उसने पाया एसी शक्ति है वर में
ऐसे दीनदयालु ओ दाता कौड़ी ना रख्खी घर में
धन धन भोलेनाथ बाँट दिये तीन लोक एक पल भर में
ऐसे दीनदयालु ओ दाता कौड़ी ना रख्खी घर में
धन धन भोलेनाथ बाँट दिये तीन लोक एक पल भर में
ऐसे दीनदयालु ओ दाता कौड़ी ना रख्खी घर में


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जय केदार उदार शंकर, मन भयंकर दुख हरम् गौरी गणपति स्कंद नंदी, श्री केदार नमाम्यहम्

हरिहरन शिव आरती
 
ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्षँ शान्ति:,
पृथ्वी शान्तिराप: शान्तिरोषधय: शान्ति: ।
वनस्पतय: शान्तिर्विश्वे देवा: शान्तिर्ब्रह्म शान्ति:,
सर्वँ शान्ति:, शान्तिरेव शान्ति:, सा मा शान्तिरेधि ॥
।। ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति: ॥
 
जय केदार उदार शंकर, मन भयंकर दुख हरम्
गौरी गणपति स्कंद नंदी, श्री केदार नमाम्यहम्
जय केदार उदार शंकर, मन भयंकर दुख हरम्
गौरी गणपति स्कंद नंदी, श्री केदार नमाम्यहम्
 
शैल सुंदर अति हिमालय, शुभ मंदिर सुंदरम्
निकट मंदाकिनी सरस्वती जय केदार नमाम्यहम्
शैल सुंदर अति हिमालय, शुभ मंदिर सुंदरम्
निकट मंदाकिनी सरस्वती जय केदार नमाम्यहम्
जय केदार उदार शंकर, मन भयंकर दुख हरम्
गौरी गणपति स्कंद नंदी, श्री केदार नमाम्यहम्
 
उदक कुंड है अधम पावन रेतस कुंड मनोहरम्
हंस कुंड समीप सुंदर जै केदार नमाम्यहम्
उदक कुंड है अधम पावन रेतस कुंड मनोहरम्
हंस कुंड समीप सुंदर जै केदार नमाम्यहम्
जय केदार उदार शंकर, मन भयंकर दुख हरम्
गौरी गणपति स्कंद नंदी, श्री केदार नमाम्यहम्
 
अन्नपूर्णा संह अर्पणा काल भैरव शोभितम्
पंच पांडव द्रोपदी सह जै केदार नमाम्यहम्
अन्नपूर्णा संह अर्पणा काल भैरव शोभितम्
पंच पांडव द्रोपदी सह जै केदार नमाम्यहम्
जय केदार उदार शंकर, मन भयंकर दुख हरम्
गौरी गणपति स्कंद नंदी, श्री केदार नमाम्यहम्
 
शिव दिगंबर भस्मधारी अर्द्धचंद्र विभुषितम्
शीश गंगा कंठ फणिपति जै केदार नमाम्यहम्
शिव दिगंबर भस्मधारी अर्द्धचंद्र विभुषितम्
शीश गंगा कंठ फणिपति जै केदार नमाम्यहम्
जय केदार उदार शंकर, मन भयंकर दुख हरम्
गौरी गणपति स्कंद नंदी, श्री केदार नमाम्यहम्
 
कर त्रिशूल विशाल डमरू ज्ञान गान विशारद्‍,
मदमहेश्वर तुंग ईश्वर रूद्र कल्प महेश्वरम्
कर त्रिशूल विशाल डमरू ज्ञान गान विशारद्‍,
मदमहेश्वर तुंग ईश्वर रूद्र कल्प महेश्वरम्
जय केदार उदार शंकर, मन भयंकर दुख हरम्
गौरी गणपति स्कंद नंदी, श्री केदार नमाम्यहम्
 
पंच धन्य विशाल आलय जै केदार नमाम्यहम्
नाथ पावन है विशालम् पुण्यप्रद हर दर्शनम्
पंच धन्य विशाल आलय जै केदार नमाम्यहम्
नाथ पावन है विशालम् पुण्यप्रद हर दर्शनम्
जय केदार उदार शंकर, मन भयंकर दुख हरम्
गौरी गणपति स्कंद नंदी, श्री केदार नमाम्यहम्
जय केदार उदार शंकर, मन भयंकर दुख हरम्
जय केदार उदार शंकर पाप ताप नमाम्यहम्
जय केदार उदार शंकर, मन भयंकर दुख हरम्
जय केदार उदार शंकर पाप ताप नमाम्यहम्
जय केदार उदार शंकर, मन भयंकर दुख हरम्
गौरी गणपति स्कंद नंदी, श्री केदार नमाम्यहम्
जय केदार उदार शंकर, मन भयंकर दुख हरम्
गौरी गणपति स्कंद नंदी, श्री केदार नमाम्यहम्
श्री केदार नमाम्यहम्
श्री केदार नमाम्यहम्
श्री केदार नमाम्यहम्
 
 
 
 
SONG LINK:
https://www.youtube.com/watch?v=L-t1V35G-HY
 

 
KARAOKE LINK:
https://youtu.be/wy88HWGVMfI

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