चारों पहर लो शिव का नाम, शिव आयेंगे तेरे काम
ओम नम: शिवाय ओम नम: शिवायखुद को राख लपेटे फिरते, औरो को देते धन धान -2
देवों के हित विष पी ड़ाला, (नीलकंठ को कोटि प्रणाम-2)
सुबह...........सुबह.........🕉.............................
शिव के चरणों में मिलते हैं, सारे तीरथ चारों धाम
करनी का सुख तेरे हाथों (शिव के हाथों में परिणाम -2)
सुबह...........सुबह.........🕉.............................
शिव के रहते केसी चिंता, साथ रहे प्रभु आठों याम-2
शिव को भज ले सुख पायेगा (मन को आएगा आराम-2)
सुबह...........सुबह.........🕉.............................
ओम नम: शिवाय ओम नम: शिवाय
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