नमः शिवाय नमः शिवाय
नमः शिवाय
शिव शम्भू की
बारात तो बड़ी सुहानी है
महादेव
की बारात तो बड़ी सुहानी है, अनुपम बाराती अदभुद वर,
सुर
नर मुनि नाग यक्ष किन्नर, यहाँ त्रिभुवन का हर प्राणी है
शिव
शम्भू की बारात तो बड़ी सुहानी है, शिव
शम्भू की बारात तो बड़ी सुहानी है
जाने कितने युग में ये इक दिन आया
जब ब्याह करेंगे, महायोगी महामाया
हिमगिरी ने सभी को सादर न्योत बुलाया
मन में न समाये परमानंद सबआया
हर हर महादेव, शिव शिव महादेव
/नारायण की आघ्या पाकर, चले सभी बारात सजाकर
देवों दनुजो के दल न्यारे, सब के सब शिवजी के प्यारे
सबके मन उठ रही उमंगें, जैसे महासागर में तरंगे
देखेंगे नया रूप सती का, सुभ परिणय शिव पार्वती का
/कैलाश के अधिपति को लेकर, इस पर्वत से उस पर्वत पर
बारात प्रेम से जानी है
शिव
शम्भू की बारात तो बड़ी सुहानी है
शिव शम्भू की
बारात तो बड़ी सुहानी है
शिवजी पे विष्णु ने, व्यंग का बाण चलाया
उनको बारात से भिन्न, मलिन बताया
बोले मखमल में टाट का जोड़ लगा है
नारद जी ने निश्छल ही मुवान ठगा है
हर हर महादेव शिव शिव महादेव
व्यंग बाण सह शिव मुस्काए, भींगी भेज के गण बुलवाए
आघ्या सुन तुरंत सब आये, कर प्रणाम शिव के गुण गाये
ॐ नमः शिवाय
निज समाज लख शिव हर्षाये, और विष्णु ये सोच लजाये
जकरके हिमवान के आँगन, कम होंगे परिहास के भाजन
/वहन विचित्र वाहक विचित्र, एक से एक अद्भुद चरित्र
कुछ सोभा यहाँ बखानी है
शिव
शम्भू की बारात तो बड़ी सुहानी है
शिव शम्भू की
बारात तो बड़ी सुहानी है